गोदाम लॉजिस्टिक्स का भव्य उद्घाटन संपन्न

Painter: Artist busy on his creative work

Godam-Logistics

लॉजिस्टिक्स पार्कों में फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की सलाह : नितिन गडकरी

24 मई 2026                   9.15 PM

नागपुर - मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर और गडचिरोली बड़े “ग्रोथ मैग्नेट” के रूप में उभर रहे हैं तथा महाराष्ट्र के औद्योगिक विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाना आवश्यक है। वे अमरावती रोड स्थित निमजी गोंडखैरी में गोदाम लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के भव्य उद्घाटन समारोह में संबोधित कर रहे थे। इस परियोजना का उद्घाटन उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के साथ किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आधुनिक “स्टेट-ऑफ-द-आर्ट” लॉजिस्टिक्स पार्क के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश के सामने बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां अवसरों के साथ चुनौतियां भी लेकर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत अभी भी एक बड़ी चुनौती है और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का अभिन्न हिस्सा बनने के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना होगा। उन्होंने बताया कि ‘गति शक्ति’ पहल के अंतर्गत परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है तथा राज्य सरकार ने नई लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की है, जिसमें नागपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि मुंबई की तरह नागपुर भी एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट और कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित हो रहा है तथा मेगा लॉजिस्टिक्स नीति के तहत उद्यमी बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं।

फडणवीस ने आगे कहा कि वधावन पोर्ट परियोजना महाराष्ट्र को विकास के मामले में 30 वर्ष आगे ले जाएगी। उन्होंने बताया कि समृद्धि महामार्ग को इगतपुरी से वधावन पोर्ट से जोड़ा जाएगा, जिससे नागपुर से वधावन तक की यात्रा मात्र आठ घंटे में पूरी हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर को कम से कम 20 और लॉजिस्टिक्स पार्कों की आवश्यकता है, जिससे शहर के विकास को और गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि परिसर के भीतर ही पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वाहनों को हाईवे पर खड़ा नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अमरावती हाईवे को सिक्स-लेन सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है और सुझाव दिया कि अमरावती रोड स्थित लॉजिस्टिक्स पार्क में सोलर ऊर्जा परियोजनाएं, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट तथा फास्ट चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएं।

पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर देते हुए गडकरी ने इलेक्ट्रिक ट्रकों के उपयोग की वकालत की। उन्होंने कहा कि भारत की लॉजिस्टिक्स लागत, जो पहले 16 प्रतिशत थी, अब घटकर लगभग 6 प्रतिशत रह गई है, जिससे यह चीन की लॉजिस्टिक्स लागत के करीब पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सिंधी स्थित ड्राई पोर्ट के माध्यम से माल का अंतरराष्ट्रीय निर्यात और अधिक सुगम होगा।

नागपुर और गडचिरोली में आगामी बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने में लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि नागपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस हाईवे भी विकसित किया जा रहा है तथा देशभर में परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के प्रयास जारी हैं

मंच पर विधायक परिणय फुके एवं आशीष देशमुख, उद्योगपति एवं समाजसेवी शिवकिशन अग्रवाल, मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक केदारनाथ गुप्ता, मेंटर जयप्रकाश गुप्ता तथा गोदाम लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक महावीर जैन, कृष्णकुमार गुप्ता, राजन अग्रवाल, निखिल गुप्ता, भाविक जैन, मयंक गुप्ता एवं तनिष्क अग्रवाल उपस्थित थे।

निदेशक निखिल गुप्ता ने स्वागत भाषण देते हुए मुख्य अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने गोदाम लॉजिस्टिक्स की स्थापना के पीछे की सोच और यात्रा साझा करते हुए कहा कि कंपनी भारत में लॉजिस्टिक्स के भविष्य को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना नितिन गड़करी और देवेन्द्र फडणवीस के उस विजन से प्रेरित है, जिसके तहत नागपुर को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और निर्बाध कनेक्टिविटी के माध्यम से भारत की लॉजिस्टिक्स राजधानी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

गोदाम लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक महावीर जैन ने प्रास्ताविक संबोधन में बताया कि यह परियोजना रिकॉर्ड समय में पूरी की जा रही है और यह मध्य भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि 1.90 लाख वर्गफुट में विशाल वेयरहाउस विकसित किया जा रहा है, जबकि संपूर्ण परियोजना 105 एकड़ क्षेत्र में फैले 25 लाख वर्गफुट में विकसित होगी। लगभग 600 करोड़ रुपये के निवेश से कुल 12 वेयरहाउस बनाए जाएंगे। इस परियोजना से 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है। 

उन्होंने कहा कि औद्योगिक पार्क की संकल्पना के तहत उन्नत तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग स्पेस विकसित किए जा रहे हैं तथा कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने इस परियोजना में रुचि दिखाई है और प्रबंधन के संपर्क में हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत शिलापट्ट अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम का संचालन श्वेता शेलगांवकर ने किया तथा आभार प्रदर्शन निदेशक राजन अग्रवाल ने किया।

 









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