Maha-Metro
2 अप्रैल 2026 4.15 PM
नागपुर - नागपुर मेट्रो रेल परियोजना के फेज–II के अंतर्गत कामठी, वर्धा, हिंगणा एवं भंडारा मार्गों पर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। रीच–2A (ऑटोमोटिव चौक से कन्हान) कॉरिडोर पर कुल 487 में से 333 (68.30%) पियर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही, 12 में से 11 स्टेशनों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इस कॉरिडोर के स्टेशनों का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, जिसमें फाउंडेशन तथा प्रथम और द्वितीय तल तक का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसी मार्ग पर 488 में से 159 (35.49%) गर्डर स्पैन का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा 3 में से 2 स्टील ब्रिज एवं बैलेंस कैंटिलीवर का कार्य भी प्रगति पर है।
लिफ्ट एवं एस्केलेटर कार्य का शुभारंभ
नागपुर मेट्रो फेज-II के अंतर्गत स्टेशन परिसरों में लिफ्ट एवं एस्केलेटर के कार्य का शुभारंभ किया गया है, जिसकी शुरुआत नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट मेट्रो स्टेशन से की गई। यात्री सुविधाओं की दृष्टि से लिफ्ट एवं एस्केलेटर अत्यंत महत्वपूर्ण घटक हैं। लिफ्ट का कार्य ओटिस एलिवेटर कंपनी इंडिया लिमिटेड द्वारा तथा एस्केलेटर का कार्य जॉनसन लिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
रेलवे मार्ग पर 100 मीटर ओपन वेब गर्डर पुल के कार्य का शुभारंभ
नागपुर मेट्रो के फेज-II के अंतर्गत रीच–1A में भारतीय रेलवे लाइन के ऊपर 100 मीटर लंबे विशेष स्पैन के लिए फाउंडेशन कार्य प्रारंभ किया गया है। यह 19.25 किमी लंबा कॉरिडोर खापरी मेट्रो स्टेशन से एमआईडीसी ईएसआर स्टेशन तक है। यह विशेष स्पैन लगभग 1000 मीट्रिक टन वजन के स्टील ओपन वेब गर्डर के रूप में निर्मित किया जाएगा। इसके निर्माण हेतु अत्याधुनिक “ट्रांसवर्स लॉन्चिंग” तकनीक अपनाई जा रही है, जिसमें गर्डर का एक सिरा पिवट पॉइंट के रूप में कार्य करता है, जबकि दूसरा सिरा स्किड्स एवं हाइड्रोलिक जैक की सहायता से पूर्व स्थापित ट्रैक बीम्स पर स्थापित किया जाता है।
यह तकनीक पारंपरिक लॉन्गिट्यूडिनल लॉन्चिंग की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी है। इससे भारतीय रेलवे से आवश्यक ट्रैफिक ब्लॉक्स की आवश्यकता कम होती है तथा नोज अस्थिरता एवं रोलर स्लिपेज जैसी संभावित जोखिमों को कम कर सुरक्षा में वृद्धि होती है।
उक्त कार्यों का शुभारंभ महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर (भा.प्र.से.) के हस्ते भूमिपूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर महा मेट्रो के संचालकगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


























































































