NVCC
तेज कस्टम क्लीयरेंस, कम जांच और बेहतर व्यापार सुविधा से आयात-निर्यात कारोबार को मिलेगी गति
22 जुलाई 2026 7.30 PM
नागपुर - नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने नागपुर एवं विदर्भ के निर्यातकों, आयातकों तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े अन्य व्यवसायियों से अधिकृत आर्थिक ऑपरेटर (Authorised Economic Operator - AEO) योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है। यह योजना बेहतर अनुपालन करने वाले व्यवसायों को सीमा शुल्क विभाग द्वारा अनेक व्यापार-सुविधाएं प्रदान करती है।
उपाध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर ने कहा कि एईओ प्रमाणन विदर्भ के कारोबारियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है। यहां के आयातकों एवं निर्यातकों को परिवहन समय, बंदरगाह से दूरी, माल भंडारण लागत तथा कस्टम क्लीयरेंस में लगने वाले समय का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। एईओ के तहत तेज क्लीयरेंस एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई से आयात-निर्यात कारोबार अधिक सुगम, समयबद्ध और प्रभावी हो सकता है।
एनवीसीसी के संयुक्त सचिव मनीष जेजानी ने बताया कि एईओ कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर अनुपालन एवं सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले व्यवसायों को मान्यता प्रदान करता है। प्रमाणन की श्रेणी के अनुसार कस्टम क्लीयरेंस में प्राथमिकता, माल की जांच एवं निरीक्षण में कमी, दस्तावेजों की शीघ्र प्रक्रिया, डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी-एंट्री तथा पात्र मामलों में सीमा शुल्क के स्थगित भुगतान जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
अप्रत्यक्ष कर समिति के संयोजक सीए रितेश मेहता ने कहा, “विदर्भ के व्यवसायियों को एईओ को केवल कस्टम प्रमाणपत्र के रूप में नहीं, बल्कि व्यापार सुविधा के प्रभावी माध्यम के रूप में देखना चाहिए। तेज और निश्चित समय-सीमा में क्लीयरेंस मिलने से लॉजिस्टिक्स संबंधी बाधाएं, माल के भंडारण की अवधि तथा लेन-देन लागत कम हो सकती है। इससे विदर्भ के निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।”
एनवीसीसी ने विशेष रूप से निर्माताओं, मर्चेंट एक्सपोर्टर्स, नियमित आयातकों तथा अन्य पात्र आयात-निर्यात कारोबारियों से आग्रह किया कि जिनका अनुपालन रिकॉर्ड अच्छा है, वे एईओ प्रमाणन के लिए अपनी पात्रता का आकलन करें और योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं। इस अवसर पर एनवीसीसी का प्रतिनिधित्व उपाध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर, संयुक्त सचिव मनीष जेजानी, अप्रत्यक्ष कर समिति संयोजक सीए रितेश मेहता एवं अधिवक्ता यश तिवारी ने किया।
चेंबर द्वारा इस अवसर पर सीमा शुल्क विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पंकज कुमार एवं नितिन अग्रवाल, आईसीडी मिहान के सहायक आयुक्त संजय नंदेश्वर तथा डॉ. पूनम धरमसे का अभिनंदन भी किया गया। एनवीसीसी ने व्यापार एवं आयात-निर्यात समुदाय के साथ उनके सकारात्मक संवाद एवं सहयोग की सराहना की।
एनवीसीसी ने कहा कि विदर्भ में एईओ योजना को व्यापक रूप से अपनाए जाने से क्षेत्र का निर्यात तंत्र मजबूत होगा तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार अधिक सुगम एवं प्रतिस्पर्धी बनेगा। चेंबर भविष्य में भी कस्टम एवं आयात-निर्यात से संबंधित व्यापार-सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा व्यापार जगत और सरकारी विभागों के बीच सेतु के रूप में कार्य करता रहेगा। किसी भी प्रकार की कठिनाई अथवा मार्गदर्शन के लिए आयात-निर्यात से जुड़े व्यवसायी एनवीसीसी से संपर्क कर सकते हैं।



















