गपशप विद एमएसएमई : उद्यमियों के साथ सीधे जुड़ने की पहल

Painter: Artist busy on his creative work

VIA

24 अगस्त 2026          7.50 PM

 नागपुर - एमएसएमई क्षेत्र के साथ जमीनी स्तर पर जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक सक्रिय पहल के रूप में, वीआईए एमएसएमई फोरम ने  हिंगना, नागपुर स्थित ड्यूरावेल्ड मेटसिस प्रा लि में अपने प्रथम “ गपशप विद एमएसएमई ” कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस पहल की परिकल्पना एक अनौपचारिक एवं संवादात्मक मंच के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य खुले संवाद, स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया तथा आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से वीआईए को एमएसएमई उद्यमियों के अनुभवों, चुनौतियों एवं आकांक्षाओं को बेहतर ढंग से समझने तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत व्यवसायों और उद्योग संघ के बीच की दूरी को कम करने का अवसर मिलता है।

एमएसएमई फोरम की टीम का नेतृत्व कौशल मोहता, मानद सचिव, सीए गिरीश देवधर, अध्यक्ष  एमएसएमई फोरम तथा सीए नितिन अग्रवाल, संयुक्त सचिव ने किया। टीम का ड्यूरावेल्ड मेटसिस के अध्यक्ष शेखर पटवर्धन तथा निदेशक निखिल पटवर्धन और सुमेध पटवर्धन ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन एवं ड्यूरावेल्ड मेटसिस के परिचय से हुई, जिसे सुमेध पटवर्धन ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कंपनी की प्रेरणादायी यात्रा के बारे में जानकारी साझा की। इस उद्यम की स्थापना शेखर पटवर्धन, एक तकनीकी विशेषज्ञ एवं प्रथम पीढ़ी के उद्यमी, द्वारा की गई थी। उन्होंने वर्ष 1991-92 के दौरान भारत में पहली बार वियर-रेसिस्टेंट प्लेट्स (घिसाव-प्रतिरोधी प्लेटों) के निर्माण पर अग्रणी रूप से ध्यान केंद्रित किया। इस उद्यम को आईडीबीआई कार्पोरेशन  की वेंचर कैपिटल फंड  योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता भी प्राप्त हुई, जिसका उद्देश्य नवोन्मेषी विचारों वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करना था।

ड्यूरावेल्ड ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और जुलाई 1997 में तत्कालीन राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. शंकर दयाल शर्मा के हाथों उद्यमिता एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के लिए राष्ट्रपति राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।

“गपशप ” कार्यक्रम के अंतर्गत  टीम ने फैक्ट्री एवं प्लांट का दौरा किया। इस दौरान ड्यूरावेल्ड के प्रबंधन ने अपनी स्वदेशी विनिर्माण प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा भारत एवं विदेशों की प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनियों के लिए निष्पादित किए जा रहे विभिन्न प्रतिष्ठित ऑर्डरों की जानकारी एवं झलक प्रस्तुत की।

सुमेध पटवर्धन द्वारा वियर-रेसिस्टेंट प्लेट्स तथा विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूरावेल्ड के उत्पादों के उपयोग पर एक तकनीकी प्रस्तुति दी गई। इनमें स्टील, सीमेंट, विद्युत उत्पादन, खनन तथा ओईएम उद्योग प्रमुख हैं। प्रस्तुति के बाद एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें वीआईए के सदस्यों ने ड्यूरावेल्ड के प्रबंधन के साथ संवाद करते हुए तकनीक, विनिर्माण प्रक्रियाओं तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में इनके अनुप्रयोगों की गहन जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के समापन पर सीए गिरीश देवधर द्वारा ड्यूरावेल्ड मेटसिस को स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। सीए नितिन अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। ड्यूरावेल्ड के प्रबंधन ने  फोरम की “गपशप विद एमएसएमई ” पहल की सराहना की तथा विदर्भ क्षेत्र के एमएसएमई उद्यमों के साथ सीधे जुड़ने के वीआईए के प्रयासों का स्वागत किया। यह कार्यक्रम वीआईए और एमएसएमई समुदाय के बीच एक अधिक मजबूत एवं निरंतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक सार्थक शुरुआत के रूप में सामने आया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कौशल मोहता, नितिन अग्रवाल, गिरीश देवधर, नितिन अलशी, नीरज गांधी, डॉ. डी. जी. गरवे, रीता लांजेवार, योगिता देशमुख, शाची मल्लिक, वरुण राठी एवं नरेंद्र कुमार उपस्थित थे।









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