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26 फरवरी 2026 7.20 PM
नागपुर - एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ने विदर्भ की औद्योगिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लंबे समय से लंबित पुनर्विकास एवं विस्तार परियोजना को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन के माध्यम से विनम्र अनुरोध किया है।
एआईडी द्वारा हाल ही में फरवरी माह में “एडवांटेज विदर्भ- खासदार औद्योगिक महोत्सव” के तृतीय संस्करण का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 42 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए गए तथा अनेक महत्वपूर्ण औद्योगिक घोषणाएँ की गईं। इसी क्रम में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ 15 हजार करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके अंतर्गत विदर्भ में एकीकृत विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश के कई राज्यों ने इस निवेश को आकर्षित करने के प्रयास किए थे, फिर भी विदर्भ ने प्रतिस्पर्धा में अपना स्थान सुदृढ़ किया।
इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सक्रिय भागीदारी रही। इससे विदर्भ की औद्योगिक क्षमता के प्रति निवेशकों का बढ़ता विश्वास स्पष्ट हुआ है। साथ ही, उभरते उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नागपुर जिले में स्किल एंड लॉजिस्टिक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की प्रक्रिया भी एआईडी ने प्रारंभ की है।
इसके बावजूद, नागपुर हवाई अड्डे का त्वरित पुनर्विकास एवं क्षमता विस्तार बड़े पैमाने पर निवेश के बाद भी निवेशकों द्वारा लगातार व्यक्त की जा रही प्रमुख चिंता बना हुआ है। उद्योग जगत का मत है कि वरिष्ठ अधिकारियों की यात्रा, हवाई माल ढुलाई तथा निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला के सुचारु संचालन के लिए आधुनिक एवं विस्तारित हवाई अड्डा अत्यावश्यक है। वर्ष 2018 में मिहान इंडिया लिमिटेड द्वारा हवाई अड्डे के पुनर्विकास का कार्य जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड को प्रदान किया गया था। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित था, जिस पर गत वर्ष अनुकूल निर्णय प्राप्त हुआ। इसके बावजूद हवाई अड्डे के हस्तांतरण की अंतिम स्वीकृति अभी तक लंबित है। इस विलंब के कारण परियोजना के क्रियान्वयन में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों का समाधान कर दिया है तथा प्रस्ताव वर्तमान में नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल के स्तर पर विचाराधीन है। चूँकि मामला वर्तमान में मंत्रिमंडल स्तर पर लंबित है, एआईडी ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने का विनम्र अनुरोध किया है।
इस निवेदन की एक प्रति केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. आर. नायडू तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी प्रस्तुत की गई है। नागपुर हवाई अड्डे की रनवे मरम्मत से लेकर सर्वोच्च न्यायालयीन प्रक्रिया तक प्रत्येक चरण में एआईडी ने निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई की है। विदर्भ के समग्र विकास के लिए हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक है, यह संस्था का निरंतर मत रहा है।
इस महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के समय पर पूर्ण होने से वरिष्ठ यात्रा सुगम होगी, हवाई माल ढुलाई क्षमता सुदृढ़ होगी, आपूर्ति श्रृंखला की कार्यक्षमता में सुधार होगा तथा विदर्भ के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। एआईडी ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह कदम प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप सिद्ध होगा।


























































































