एकल हब से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का हैप्पी ह्यूमन इंडेक्स बढेगा : नितिन गडकरी

Painter: Artist busy on his creative work

Ekal-hub

- नागपुर में पहले ‘एकल हब’ परियोजना का उद्घाटन

- सिने चौरंगी का पूरे महाराष्ट्र में विस्तार का संकल्प

7 मार्च 2026                          4.15 PM

नागपुर - मनुष्य को खुश रहने के लिए घर, शिक्षा, रोजगार और संस्कार के साथ-साथ मनोरंजन जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलना भी आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए सिने चौरंगी परियोजना के ‘एकल हब’ के माध्यम से ये मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे यहां के लोगों का हैप्पी ह्यूमन इंडेक्स (सुखांक) बढ़ेगा, ऐसा विश्वास केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने व्यक्त किया।

कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था के सिने चौरंगी के अंतर्गत ग्रामीण महाराष्ट्र में आधुनिक मनोरंजन, शिक्षा और ज्ञान का संगम प्रस्तुत करने वाली महत्वाकांक्षी ‘एकल हब’ परियोजना का उद्घाटन आज नागपुर के मिहान क्षेत्र में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रितेश देशमुख तथा कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था के अध्यक्ष और सिने चौरंगी परियोजना के संचालक अतुल शिरोडकर उपस्थित थे। मान्यवरों के हाथों दीप प्रज्वलन कर तथा फीता काटकर ‘एकल हब’ का उद्घाटन किया गया।

मानकर ट्रस्ट और अतुल शिरोडकर के कार्य की सराहना करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि सिने चौरंगी ज्ञान और मनोरंजन का एक ‘इंटीग्रेटेड हब’ है। समाज में मौजूद सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन को दूर कर समाज की प्रगति हो, इस संवेदनशील विचार से यह परियोजना शुरू की गई है। इस पहल को प्रत्येक गांव तक पहुंचाने की योजना है, जिससे महिलाओं और युवाओं के लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार मार्गदर्शन के अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रस्तावना में अतुल शिरोडकर ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था ने अब तक विदर्भ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 30 हजार विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराया है, जिससे इस क्षेत्र में ड्रॉप-आउट की संख्या लगभग शून्य हो गई है। अब ‘एकल हब’ परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करते हुए शिक्षा, संस्कृति और मनोरंजन का संगम स्थापित करेगी। म‍िनी थिएटर की मूल परिकल्‍पना संजय गायकवाड की है जिसका एकल हब विस्‍तार है,ऐसा उन्‍होने कहा। 

इससे पहले ‘एकल हब’ की विस्तृत जानकारी देने वाली एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम का संचालन श्यामल देशमुख ने किया, जबकि अतुल शिरोडकर ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मराठी अभिनेता, नाट्य-चित्र निर्माता और निर्देशक अजित भुरे, कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था के पदाधिकारी सीए मिलिंद कानडे, प्रशांत बोपर्डीकर, धनंजय बापट, डॉ. उपेंद्र कोठेकर, मुरलीधर चांदेकर, राजू हडप, अनिल जोशी, निरंजन देशकर, बाळासाहेब अंजनकर, राजकुमार बडोले और भूपेंद्र शहाणे भी उपस्थित थे।

मनोरंजन सुलभ और किफायती होना चाहिए : रितेश देशमुख

रितेश देशमुख ने कहा कि लातूर जैसे स्थान पर रहते समय हमें उस दौर में शिक्षा और मनोरंजन के लिए शहर जाना पड़ता था। अन्य बुनियादी जरूरतों की तरह ये भी इंसान की आवश्यकताएं हैं और ये सभी के लिए सुलभ तथा किफायती होनी चाहिए। ‘एकल हब’ परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी। अतुल शिरोडकर का कार्य बुलेट ट्रेन की तरह तेज गति से आगे बढ़ रहा है और उन्होंने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है। सिने चौरंगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मकता लाने के विज़न के साथ ‘एकल हब’ परियोजना शुरू की है।

ऐसा है ‘एकल हब’ प्रकल्प

इस परियोजना में अत्याधुनिक प्रोजेक्शन तकनीक से सुसज्जित दो स्क्रीन (125 और 75 सीट क्षमता) वाले सिनेमा थिएटर, एक शिक्षा केंद्र और छोटे व्यावसायिक स्थान शामिल होंगे। इन केंद्रों का संचालन मॉडल भी विशेष होगा। सुबह 7 से 11 बजे के बीच स्वास्थ्य जागरूकता, कृषि प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, साक्षरता अभियान और विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा। इसके बाद 11 से 6 बजे के बीच परिवार के साथ देखे जा सकने वाले मराठी, हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में दिखाई जाएंगी। शाम 6 से 10 बजे के प्राइम टाइम में नई और लोकप्रिय फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इसमें मुख्य रूप से मराठी फिल्मों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण सिनेमा का अनुभव मिल सकेगा।परियोजना के दूसरे चरण में विदर्भ के अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गडचिरोली, गोंदिया, नागपुर और यवतमाल जिलों के लगभग 20 तालुकों में ‘एकल हब’ स्थापित करने की योजना है। इसके बाद अगले चरणों में महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में भी इन केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।









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