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10 मार्च 2026 7.45 PM
नागपुर - एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग अपने उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। ऐसे में एलपीजी की आपूर्ति पर अचानक प्रतिबंध से कई एमएसएमई इकाइयों के सामने गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, पाउडर कोटिंग, फार्मास्यूटिकल्स, फेब्रिकेशन और पैकेजिंग जैसे कई उद्योग एलपीजी का उपयोग करते हैं क्योंकि यह स्वच्छ ईंधन है और उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए स्थिर ताप प्रदान करता है। वर्तमान में कई औद्योगिक इकाइयों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) जैसी वैकल्पिक ईंधन सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे कम समय में किसी अन्य ईंधन पर स्थानांतरण करना तकनीकी और आर्थिक रूप से कठिन हो सकता है।
एसोसिएशन का मानना है कि इस प्रतिबंध से उत्पादन में बाधा, संचालन लागत में वृद्धि और सप्लाई चेन में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, जिससे पूरे औद्योगिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे रोजगार और औद्योगिक वातावरण पर भी असर पड़ सकता है।
एमआईए के अध्यक्ष पी. मोहन ने संबंधित अधिकारियों से इस प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने या उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन अपनाने के लिए उचित समय देने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे निर्णय लागू करने से पहले औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी अवसंरचना को मजबूत करना आवश्यक है, ताकि एम एमएसएमई उद्योगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें।


























































































