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22 जून 2026 2.10 PM
नागपुर - नाग विदर्भ चेंबर ऑफ काॅमर्स द्वारा होटल द्वारकामाई में आयोजित कार्यकारिणी सभा में चेंबर की खाद्य सुरक्षा एवं औषध एक्ट उपसमिति के संयोजक एडवोकेट निखिल अग्रवाल ने एफएसएसएआई एक्ट रूल्स एंड लाइसेंसिंग रेगुलेशंस पर सदस्यों का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन किया।
खाद्य सुरक्षा के सख्त एवं जटिल प्रावधान
एडवोकेट निखिल अग्रवाल ने सदस्यों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि खा़द्य व्यवसाय सीधा मनुष्य के स्वास्थ्य से जुड़ा है इसीलिए इससे संबंधित कानून व प्रावधान सख्त एवं जटिल हैं। यदि व्यवसायी खाद्य सुरक्षा व हाइजीन का विशेष ध्यान रखकर सभी नियमों एवं प्रावधानों का पालन करते हुए व्यापार करते हैं तो उन्हें व्यापारिक परेशानियों का सामना नहीं करना पडे़गा।
हर खाद्य व्यवसाय के लिए लाइसेंस अनिवार्य
उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का भी खाद्य व्यवसाय करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। लाइसेंस में व्यापार की फुड कैटेगरी लिखना अनिवार्य है। नियामानुसार खाद्य व्यापारी जिन व्यापारियो से सामान खरीद या बेच रहे हैं उनके पास भी लाइसेंस रहना अनिवार्य है तथा वह एक्टिव भी होना चाहिए। यदि बिना लाइसेंस वाले व्यापारियों के साथ व्यापार करते हैं तो रू.10 लाख के जुर्माने का प्रावधान है। यदि उनका प्रोडक्ट खा़द्य सुरक्षा के मानकों के अनुसार नहीं है तो रू. 5 लाख और खाद्य सुरक्षित भी नहीं तो जुर्माने के साथ-साथ 3-5 साल की सजा का भी प्रावधान है।
लेबलिंग,एडवरटाइजिंग में दें सही जानकारी
खाद्य व्यापारियों द्वारा अपने लेबलिंग में प्रोडक्ट में उपयोग किए गए सभी पदार्थों की सही जानकारी देना आवश्यक है साथ ही यदि वे अपने प्रोडक्ट की एडवरटाइजिंग कर रहे हैं तो भी प्रोडक्ट जानकारी देना आवश्यक है। खाद्य पदार्थ की गलत जानकारी देने पर सरकार द्वारा रू. 10 लाख तक की पेनाल्टी का प्रावधान है।व्यापारियों द्वारा स्वयं साल में 2 बार अपने उत्पादों की जांच करके, उसकी रिपोर्ट भी एफडीए की बेवसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है। प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई व फुड हाइजीन का विशेष ध्यान रखना चाहिए और यदि उनके प्रतिष्ठानों पर खाद्य अधिकारी द्वारा इंस्पेक्शन किया जाता है तो अधिकारी को अपने खाद्य पदार्थ की सही व पूरी जानकारी उपलब्ध कराना चाहिए। सभी फुड मैन्युफैक्चर्स को 31 मई तक फार्म डी भरना अनिवार्य है। समय पर फार्म डी नहीं भरने पर एफडीए द्वारा प्रतिदिन जुर्माने का भी प्रावधान है।
तेल व्यवसाय के लिए नया नियम
तेल व्यवसाय को लेकर नया नियम है कि हर बार नए टिन में तेल बेचा जाना है। पुराने टिन का उपयोग नहीं किया जा सकता और तेल हर बार लैब से सर्टिफाईड होना भी अनिवार्य है। उन्होंने खाद्य व्यवसायियों से विशेष आग्रह किया कि यदि उनके प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा एवं मानकों को लेकर एफडीए द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही होती है तो व्यापारी एफडीए के नोटिस का सही जवाब दें, इंस्पेक्शन संबंधी अपने कम्पलायंस पूरे करें। बिना किसी कार्यवाही के पेनाल्टी का भुगतान न करें। क्योंकि ऐसा नियम है कि यदि व्यापारी द्वारा 2 बार जुर्माने का भुगतान कर दिया जाता है तो उनका लाइसेंस अपने-आप रद्द हो जाता है और नया लाइसेंस भी सरलता से नहीं मिलता है।
चेंबर के अध्यक्ष फारूक अकबानी ने सदस्यों से कहा कि सभा में खाद्य व्यवसाय से संबंधित दी गई जानकारी का लाभ लेते हुए नियमों के साथ व्यापार करें ताकि खाद्य व्यापारियों को एफडीए की कार्यवाहियों का सामना न करना पड़े।
चेंबर के सचिव सीए हेमंत सारडा़ ने सदस्यों को खाद्य व्यवसाय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देने हेतु धन्यवाद दिया एवं आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर प्रमुखता से अध्यक्ष फारूक अकबानी, पूर्व अध्यक्ष हेमंत खुंगर, मयूर पंचमतिया, अश्विन प्रकाश मेहाड़िया, आईपीपी अर्जुनदास आहूजा, उपाध्यक्ष स्वप्निल अहिरकर, उमेश पटेल, सचिव सीए हेमंत सारडा, कोषाध्यक्ष सचिन पुनियानी, सहसचिव दीपक अग्रवाल व बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।



















