उद्योजकों ने एमएसएमई इंटर्नशिप,एआई और औद्योगिक रोबोटिक्स के बारे में ली उपयोगी जानकारी

Painter: Artist busy on his creative work

MIA

एमआईडीसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने किया रामदेवबाबा विश्वविद्यालय का दौरा

14 मई 2026                 5.40 PM

नागपुर - एमआईडीसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. मोहन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रामदेवबाबा विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य विश्वविद्यालय की उन्नत अनुसंधान, नवाचार, इनक्यूबेशन तथा उद्योग सहयोग संबंधी सुविधाओं का अवलोकन करना था।

दौरे की शुरुआत आरबीयू-टाटा टेक्नोलॉजीज सेंटर फॉर इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) से हुई, जहाँ डॉ. वाई. एम. सोनखास्कर ने केंद्र की अत्याधुनिक सुविधाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने मशीन लर्निंग एवं आईओटी सेंटर, इंटीग्रेटेड एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर तथा इनोवेशन डिजाइन एवं इनक्यूबेशन सेंटर जैसी प्रमुख अधोसंरचनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं का उपयोग उद्योग परामर्श, कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए प्रभावी रूप से किया जा रहा है।

डॉ. राजीव खैरे ने राजीव गांधी साइंस एंड टेक्नोलॉजी कमीशन की एमएसएमई इंटर्नशिप योजना पर प्रस्तुति दी। उन्होंने एमएसएमई के लिए आरजीएसटीसी योजनाओं के उद्देश्यों को विस्तार से बताया तथा वर्ष 2015 से अब तक इस योजना के अंतर्गत विकसित पेटेंट, तकनीकों और विभिन्न एमएसएमई इकाइयों द्वारा उनके सफल उपयोग की जानकारी साझा की।प्रतिनिधिमंडल ने आरबीयू के डिजिटल टॉवर स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं का दौरा किया। कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख डॉ. प्रीति वोडितेल ने प्रतिनिधिमंडल को ₹15 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित उन्नत अधोसंरचना के बारे में जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने एआई एवं डीप लर्निंग के लिए स्थापित एनवीआईडीआईए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जिसमें अत्याधुनिक ब्लैकवैल डीजीएक्स बी200 जीपीयू  आधारित एआई सुपरकंप्यूटर, स्वायत्त प्रणालियों हेतु जेटसन डिवाइस तथा उद्योग-मान्यता प्राप्त डीएलआई प्रमाणन कार्यक्रम शामिल हैं। प्रो. अभिजीत रायपुरकर ने इस सुविधा का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। माइक्रो -टेक्नोलॉजी पर विशेष अनुसंधान हेतु स्थापित सेंटर फॉर माइक्रोसिस्टम्स का भी दौरा किया। इसके बाद साइबर सिक्योरिटी एवं डिजिटल फॉरेंसिक्स लैब का अवलोकन किया गया, जो उन्नत साइबर रेंज सिमुलेशन, डिजिटल फॉरेंसिक्स उपकरण, नेटवर्क हार्डनिंग सिस्टम तथा प्रमाणन-उन्मुख प्रशिक्षण सुविधाओं से सुसज्जित हैं।

दौरे में आगे नेटसिम नेटवर्क सिमुलेशन एवं आर एंड डी लैब का भी समावेश था, जहाँ उन्नत संचार नेटवर्क मॉडलिंग और अगली पीढ़ी के प्रोटोकॉल विकास पर कार्य किया जाता है। जूनिपर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रो. सी. दादियाला ने एआई-आधारित स्मार्ट नेटवर्किंग, 5जी, आईओटी, क्लाउड-नेटिव तकनीकों, इंटर्नशिप तथा वैश्विक आर एंड डी अवसरों से संबंधित पहल की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने रोबोडीके और रोबोट ऑपरेटिंग सिस्टम से संचालित रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन लैब का भी दौरा किया, जहाँ औद्योगिक रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही इलेक्ट्रो-न्यूमैटिक एवं इलेक्ट्रो-हाइड्रॉलिक प्रणालियों पर आधारित हाइड्रॉलिक्स एवं न्यूमैटिक्स लैब का भी अवलोकन किया गया, जो औद्योगिक ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए उपयोगी है।

दौरे का समापन एमआईए प्रतिनिधिमंडल और आरबीयू के कुलपति डॉ. राजेश पांडे के साथ आयोजित संवाद बैठक से हुआ। चर्चा के दौरान डॉ. पांडे ने  आरबीयू में विकसित विभिन्न पेटेंट एवं नवाचारी तकनीकों पर प्रकाश डाला तथा उनके व्यावसायीकरण की संभावनाओं पर चर्चा की, जिससे उद्योगों,एमएसएमई, संस्थान तथा समाज को व्यापक लाभ मिल सकता है।


दौरे के दौरान एमआईए प्रतिनिधिमंडल में के. के. डागा, मनीष सावल, राकेश गुप्ता,  चरण सिंह,मनीष मालपानी,  राजकुमार खंडेलवाल तथा महा स्ट्राइड के अजय कुमार उपस्थित थे। यह दौरा अकादमिक एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ तथा नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं तकनीकी व्यावसायीकरण के क्षेत्र में भविष्य की साझेदारियों के नए अवसर प्रदान किए।









Posted in