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15 मई 2026 10.00 AM
नागपुर - विदर्भ इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन, भारत सरकार द्वारा 8 मई 2026 से प्रभावी की गई आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) 5.0 की घोषणा का स्वागत करता है। यह महत्वपूर्ण पहल एमएसएमई और गैर-एमएसएमई उधारकर्ताओं को पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण उत्पन्न अल्पकालिक तरलता (liquidity) की समस्याओं से निपटने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस योजना के अंतर्गत एमएसएमई के लिए 100% तथा गैर- एमएसएमई के लिए 90% तक क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान किया गया है। यह योजना उन सभी व्यावसायिक इकाइयों के लिए उपलब्ध है जिनकी फंड-आधारित कार्यशील पूंजी सीमाएं 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ श्रेणी में थीं। यह योजना 31 मार्च 2027 तक या ₹2,55,000 करोड़ की कुल गारंटी जारी होने तक (जो भी पहले हो) लागू रहेगी।
सहायता की मात्रा के तहत, व्यवसाय वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान अपनी अधिकतम फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया का 20% तक ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें प्रति उधारकर्ता अधिकतम सीमा ₹100 करोड़ निर्धारित की गई है। उद्योगों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार ने गारंटी शुल्क एवं प्रोसेसिंग शुल्क दोनों को माफ कर दिया है। इन ऋणों की अवधि पहली किश्त के वितरण की तिथि से पांच वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है। इन निधियों का उपयोग सभी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है, और यह मौजूदा प्राथमिक एवं संपार्श्विक (collateral) सुरक्षा पर चार्ज रहेगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि गैर-एमएसएमई श्रेणी के अंतर्गत कुछ क्षेत्रों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जिनमें एनबीएफसी, पावर, टेलीकॉम, शुगर एवं एथेनॉल, आईटी, पेपर एवं पेपर उत्पाद, शैक्षणिक संस्थान, पेय पदार्थ (चाय एवं कॉफी को छोड़कर) तथा तंबाकू शामिल हैं।
वीआईए के अध्यक्ष प्रशांत मोहता एवं मानद सचिव कौशल मोहता ने विदर्भ क्षेत्र की पात्र इकाइयों से अपील की है कि वे इस समयोचित तरलता सहायता का लाभ उठाकर अपने संचालन को स्थिर बनाए रखें।योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए वीआईए से संपर्क करें। दूरभाष : 0712-2561211या सीए गिरीश देवधर, अध्यक्ष, वीआईए एमएसएमई फोरम (9822228474) या सीए नितिन अग्रवाल, संयुक्त सचिव,वीआईए
(9822572295)


























































































